Kanya Utthan Yojana 2026 : 50 हजार रुपये पाने का रास्ता हुआ साफ, एलएनएमयू ने अपलोड किया छात्राओं का डाटा
Kanya Utthan Yojana 2026 : बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को मिलने वाली 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के लिए बड़ी प्रगति हुई है। शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अब तक 81 हजार से अधिक छात्राओं का डाटा सफलतापूर्वक अपलोड कर दिया गया है। यह डाटा शिक्षा विभाग के मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर अपलोड किया गया है, जिससे पात्र छात्राओं को योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया तेज हो सके।
हालांकि, इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान कई तकनीकी समस्याएं भी सामने आई हैं। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर बंद होने, बदल जाने या अन्य त्रुटियों के कारण सैकड़ों योग्य छात्राओं का डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पा रहा है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग ने प्रभावित छात्राओं के लिए विशेष व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत छात्राओं से सीधे आवेदन लेकर उनके विवरण में सुधार किया जा रहा है।
Kanya Utthan Yojana 2026 : चार जिलों की छात्राओं का डाटा अपलोड करना था अनिवार्य
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) के अंतर्गत आने वाले दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय जिलों के कॉलेजों से स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं का डाटा शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया था। लेकिन पिछले कुछ महीनों के दौरान मेधा सॉफ्ट पोर्टल कई दिनों तक तकनीकी कारणों से बंद रहा, जिसके चलते हजारों छात्राओं का डाटा समय पर अपलोड नहीं हो सका।
अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कार्य को तेज गति से पूरा करते हुए अधिकांश छात्राओं का डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। यह कार्य विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग द्वारा लगातार किया जा रहा है ताकि किसी भी पात्र छात्रा को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े।
दिसंबर 2025 तक पास छात्राओं का डाटा अपलोड करने का निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया था कि दिसंबर 2025 तक स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली सभी छात्राओं का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इसी आदेश के अनुपालन में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने बड़े स्तर पर डाटा अपलोड का कार्य पूरा किया है।
विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार:
- स्नातक सत्र 2022-25 की कुल 73,386 छात्राओं का डाटा अपलोड किया जा चुका है।
- इसके अलावा सत्र 2021-24 तक की 7,560 पूर्ववर्ती छात्राओं का डाटा भी पोर्टल पर जोड़ा गया है।
इस प्रकार कुल मिलाकर 81 हजार से अधिक छात्राओं का विवरण मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर दर्ज किया जा चुका है।
Kanya Utthan Yojana 2026 : सैकड़ों छात्राओं के आवेदन अभी भी लंबित
हालांकि बड़ी संख्या में डाटा अपलोड होने के बावजूद अब भी कई छात्राओं ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनका नाम पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहा है। विश्वविद्यालय को प्राप्त आवेदनों में अधिकांश मामलों में निम्न समस्याएं सामने आई हैं:
- मोबाइल नंबर गलत या निष्क्रिय होना
- जन्म तिथि में त्रुटि
- नाम की स्पेलिंग में अंतर
- विश्वविद्यालय रिकॉर्ड और आधार विवरण में असमानता
- अन्य व्यक्तिगत जानकारी में गड़बड़ी
इन त्रुटियों के कारण पोर्टल पर सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है और डाटा अपलोड रुक जा रहा है। परीक्षा विभाग ऐसे मामलों का निराकरण कर रहा है ताकि सभी पात्र छात्राओं का डाटा समय पर अपडेट हो सके।
जल्द मिलेगी 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय एवं कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जानी है।
यह राशि छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और बालिका शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से दी जाती है। सरकार की यह योजना बिहार की लाखों छात्राओं के लिए आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।
स्नातक पास छात्राओं के लिए विशेष प्रावधान
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना में स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को 50 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की जाती है।
उच्च शिक्षा निदेशक ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों एवं परीक्षा नियंत्रकों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि:
- स्नातक उत्तीर्ण सभी पात्र छात्राओं का डाटा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए।
- पूर्व में छूटे हुए परीक्षाफल भी पोर्टल में शामिल किए जाएं।
- सरकार से मान्यता प्राप्त सभी पाठ्यक्रमों की छात्राओं का विवरण दर्ज किया जाए।
- किसी भी पात्र छात्रा को योजना से वंचित न रखा जाए।
इसी के तहत विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्ष 2021, 2022, 2023, 2024 और 2025 में स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं का डाटा अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी की है।
विश्वविद्यालय आने की जरूरत नहीं
मिथिला विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि स्नातक तृतीय खंड की परीक्षा उत्तीर्ण छात्राओं को डाटा अपलोड कराने के लिए विश्वविद्यालय मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। विश्वविद्यालय स्वयं छात्राओं का विवरण पोर्टल पर अपलोड करेगा।
इस घोषणा के बाद बड़ी संख्या में छात्राओं को राहत मिली थी। विश्वविद्यालय ने अपने रिकॉर्ड के आधार पर पात्र छात्राओं का विवरण मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर अपलोड कर दिया है।
फंड की कमी से अटका हजारों छात्राओं का भुगतान
योजना के क्रियान्वयन में एक बड़ी समस्या फंड की कमी भी बनी हुई है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की हजारों छात्राओं के आवेदन विश्वविद्यालय स्तर पर अनुमोदित हो चुके हैं, लेकिन शिक्षा विभाग से राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान लंबित पड़ा है।
विशेष रूप से स्नातक सत्र 2020-23 तथा अन्य पूर्ववर्ती सत्रों की हजारों छात्राओं ने समय पर आवेदन किया था। उनके आवेदन सभी आवश्यक जांच और सत्यापन प्रक्रियाओं से गुजर चुके हैं और विश्वविद्यालय द्वारा अनुमोदित भी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद छात्राओं के खाते में अब तक राशि हस्तांतरित नहीं हो सकी है।
पोर्टल पर अधिकांश मामलों में आवेदन की स्थिति “Fund Awaited” या राशि की प्रतीक्षा में दिखाई दे रही है, जिससे छात्राओं में चिंता बढ़ रही है।
लाभ लेने के लिए अब भी विश्वविद्यालय पहुंच रही हैं छात्राएं
यद्यपि विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया है, फिर भी कई पूर्ववर्ती छात्राओं को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
विशेष रूप से बेगूसराय, समस्तीपुर, मधुबनी और दरभंगा जिलों की कई छात्राएं डाटा सुधार, आवेदन स्थिति की जानकारी और अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय पहुंच रही हैं। छात्राओं का कहना है कि यदि सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी हों तो उन्हें बार-बार यात्रा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत 81 हजार से अधिक छात्राओं का डाटा मेधा सॉफ्ट पोर्टल पर अपलोड होना एक बड़ी उपलब्धि है। इससे हजारों छात्राओं को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि मोबाइल नंबर, नाम और जन्म तिथि संबंधी त्रुटियों के कारण अभी भी अनेक छात्राओं का डाटा लंबित है। वहीं फंड की कमी के कारण पूर्व में स्वीकृत हजारों आवेदनों का भुगतान भी रुका हुआ है। छात्राओं को उम्मीद है कि राज्य सरकार जल्द पर्याप्त राशि जारी कर सभी लंबित मामलों का निपटारा करेगी और पात्र लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिलेगा।